ताज़ा खबर 2026, CIBIL स्कोर अब नए नियमों के अनुसार अपडेट होगा, सिर्फ EMI भरना पर्याप्त नहीं – CIBIL Score Update 2026

CIBIL Score Update 2026 में लोन और क्रेडिट कार्ड यूज़र्स के लिए बड़ा बदलाव सामने आया है। TransUnion CIBIL से जुड़े CIBIL स्कोर अपडेट नियमों में संशोधन किया जा रहा है, जिसके तहत अब सिर्फ EMI समय पर भरना ही पर्याप्त नहीं माना जाएगा। नए नियमों का मकसद क्रेडिट बिहेवियर को ज्यादा व्यापक तरीके से आंकना बताया जा रहा है।

EMI के अलावा किन बातों पर पड़ेगा असर

नए सिस्टम में EMI भुगतान के साथ-साथ क्रेडिट कार्ड उपयोग, कुल क्रेडिट लिमिट का इस्तेमाल, बार-बार लोन आवेदन और अकाउंट की उम्र जैसे फैक्टर्स को ज्यादा महत्व दिया जाएगा। यानी समय पर EMI देने के बावजूद अगर बाकी क्रेडिट आदतें सही नहीं हैं, तो स्कोर पर असर पड़ सकता है।

क्रेडिट यूटिलाइजेशन पर बढ़ा फोकस

2026 के नियमों में क्रेडिट कार्ड लिमिट के इस्तेमाल पर खास ध्यान दिया जा रहा है। ज्यादा लिमिट इस्तेमाल करने या लगातार मैक्स लिमिट के करीब खर्च करने से स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, भले ही EMI या बिल समय पर चुकाए गए हों।

बार-बार लोन आवेदन बन सकता है नुकसान

अगर कोई व्यक्ति कम समय में कई लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करता है, तो इसे रिस्की बिहेवियर माना जा सकता है। नए नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में CIBIL स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।

डिफॉल्ट और देरी का असर और सख्त

EMI में देरी या किसी अकाउंट का डिफॉल्ट होना पहले से ज्यादा गंभीर माना जाएगा। इससे स्कोर गिरने की रफ्तार तेज हो सकती है और भविष्य में लोन मिलना मुश्किल हो सकता है।

लोन लेने वालों को क्या करना चाहिए

क्रेडिट स्कोर बेहतर बनाए रखने के लिए सिर्फ EMI नहीं, बल्कि कुल क्रेडिट मैनेजमेंट पर ध्यान देना जरूरी होगा। लिमिट के भीतर खर्च, समय पर भुगतान और कम आवेदन—इन बातों पर फोकस करना अब पहले से ज्यादा अहम हो गया है।

Conclusion: 2026 के नए नियमों के तहत CIBIL स्कोर सिर्फ EMI भुगतान पर नहीं, बल्कि पूरे क्रेडिट बिहेवियर पर आधारित होगा। जो लोग आने वाले समय में लोन या क्रेडिट कार्ड लेना चाहते हैं, उन्हें अपनी क्रेडिट आदतों को ज्यादा जिम्मेदारी से मैनेज करना होगा।

Disclaimer: यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और क्रेडिट इंडस्ट्री से जुड़े अपडेट्स पर आधारित है। CIBIL स्कोर से जुड़े अंतिम नियम और गणना पद्धति आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार लागू होंगी। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अधिकृत स्रोत या वित्तीय सलाहकार से पुष्टि अवश्य करें।

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